
जो साज़िशें परवान चढ़ती हैं बंद कमरों के अंदर,
वही दरबार की तकदीर का फैसला करती हैं अक्सर।
आने वाली 30 जून की तारीख़ प्रदेश और उसके ऊर्जा विभाग के लिए खासी अहमियत रखेगी और ऐसा हो भी क्यों न। दरअसल 30 जून को राज्य के ऊर्जा विभाग में तैनात कई सीनियर अधिकारी रिटायर हो रहें हैं तो ऐसे में अंदरखाने जबरदस्त लोब्यिंग चल रही है। खाली होने वाले मलाईदार पदों के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। जयपुर से दिल्ली जा रहे मिठाई, बेकरी और फ्रूट हैंपर्स खुद अपनी कहानी कह रहे हैं। ऊर्जा विभाग में अपनी गोटी सेट करने को तत्पर एक अफसर ने जयपुर में तैयार करवाई गई 50 किलो मेंगो रबड़ी राजस्थान के एक केंद्रीय मंत्री द्वारा दी गई एक पार्टी में पहुंचा कर अपना नाम संभावितों में शामिल करवा लिया। असल गुरु दक्षिणा तो खैर अभी तय होगी। अब आप ये जान लीजिये कि आखिर वे कौन हैं जो इस महीने के अंत में सेवानिवृत्त हो रहे हैं और नतीजतन वो कौन कौन सी पोस्ट है जिसके लिए ग्रीन गांधी वक्रीय हो रहे हैं।

राजस्थान राज्य विद्युत् उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक देवेंद्र श्रृंगी, तकनीकि निदेशक संजय संध्या, निदेशक (प्रोजेक्ट्स) के एल मीणा, निदेशक (वित्त) एन के खंडेलवाल और जयपुर डिस्कॉम के तकनीकि निदेशक राजकुमार शर्मा। अजमेर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक के पी वर्मा भी इस महीने के अंत में सेवानिवृत्त हो जाएंग। इसी महीने रिटायर होने वालों में राजस्थान राज्य विद्युत् प्रसारण निगम लिमिटेड (RPVN) के तकनीकि निदेशक न अशोक कुमार शर्मा और निदेशक (ऑपरेशन्स) सुरेश कुमार मीणा भी शामिल हैं। साथ ही जोधपुर डिस्कॉम के तकनीकि निदेशक वी के छंगाणी भी जून के अंत में अपनी पारी समाप्त कर देंगे।
उपरोक्त के अलावा राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड के तकनीकि निदेशक और अन्य कुछ तकनीकि पद पहले ही अतिरिक्त चार्ज की काम चलाउ व्यवस्था का शिकार हैं।

ऊर्जा विभाग में उपरोक्त सभी पदों के लिए नामों पर चर्चा शुरू हो चुकी है। पर ऊर्जा विभाग को समझने वाले जानते हैं कि ये विभाग बरसों से ट्यूनिंग के आधार पर ही चलता आया है यानि इन पदों पर कई पद तो वर्तमान लोगों को ही एक्सटेंशन देकर भरे जाएंगे और कुछ को मौजूदा ‘लायक’ और ‘उपयुक्त’ अधिकारीयों से भरा जाएगा। अब यहाँ एक पेच है इन दिनों ऊर्जा विभाग के सचिव के पद के अलावा RVPNL के चेयरमैन, JVVNL के प्रबंध निदेशक तथा प्रदेश के डिस्कॉम के चेयरमैन के जैसे अति महत्वपूर्ण पदों पर आईएएस आरती डोगरा की तैनाती है जिनके बारे में खुली चर्चा है कि वे ऊर्जा मंत्री हीरा लाल नागर कि बातों को तकनीकि मामलों में तव्वजो नहीं देती हैंम और इसीलिए बरसों से बिजली-बिजली खेल रहें अधिकारी अपनी सेटिंग सीधे दिल्ली से बैठाने में लगे हुए हैं। सूत्र बता रहें हैं कि राजस्थान में इन निहायत तकनीकि पोस्टिंग्स में सिर्फ मुख्य सचिव वी श्रीनिवास के अलावा सीएम भी शायद ही दखल दें।





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